गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Thursday, October 4, 2007
प्याज महंगे होने का सकारात्मक पहलू.
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लोग प्याज के मंहगे होने पर चिल्ला रहे हैं। कह रहे हैं सरकार को ध्यान देना चाहिए। सरकार ध्यान दे रही है। सरकार कामकाज छोड़कर प्याज बिकवा रही ...
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Wednesday, October 3, 2007
कुछ और भी...इच्छाएँ जो छूट गईं..
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सुशांत झा एक संवेदनशील पत्रकार हैं। मेरी गांधीगीरी.. पर उनने कुछ और जोड़ा है, हम सादर उनकी उन इच्छाओं को जो मेरी भी हैं, और कलमबद्ध होते-होत...
मुहब्बत की राह में...
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आज हमने टीवी पर एक एंकर को देखा। टीवी दे्खे तो एंकर ही दिखती है। एकर पुलिंग भी हैं, और स्त्रीलिंग भी। लेकिन मज़ा सिर्फ स्त्रीलिंग को ही देखन...
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Tuesday, October 2, 2007
मेरी गांधीगीरी.....
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गांधी जी की जय। मेरी भी। गांधी जी का जन्मदिन सारे देश ने मनाया। लोगों ने भाषण दिए। मेरी मां भी मेरा जन्मदिन मनाती है। खीर और गाजर का हलवा हर...
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संजय की लो ( वो वाला नहीं)..
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आज ऐसा हुआ कि ... माफ कीजिए, भावनाओं में बहकर ५ डब्ल्यू और १ एच को भूल गया। प्राईवेट चैनलों की तरह। गुस्ताख़ जो हूं। बहरहाल, संजय दत्त को ग...
Monday, October 1, 2007
स्वयंवर के मेले में...
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स्वयंवर के मेले में... बहरहाल, ताबीज पहनने की मेरी ज़िद के बाद हम मय गाड़ी दूरदर्शन अहमदाबाद पहुंचे। यह कहने में मुझे कोईगुरेज़ नहीं कि डीडी...
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सुपर्ब, फैंटास्टिक, माइंडब्लोइंग...चौथा क्या था...
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सुपर्ब, फैंटास्टिक, माइंडब्लोइंग...चौथा क्या था... चौथा विशेषण जो एक रियलिटी शो के माननीय जज इस्तेमाल में लाते हैं वह खुद अपने लिए ही इस्ते...
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