गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Monday, June 30, 2008
फुरसतिया दिनों की याद
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गुस्ताख़ को पिछले फुरसत के दिन याद आ रहे हैं। क्यों याद आ रहे हैं॥इसका जवाब भी है कि शनिवार को दफ्तर में सत्रह घंटे तक लगातार काम करने के बा...
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Saturday, June 28, 2008
नौकरी- एक कविता
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मैं फिर से मां की आंखों का तारा हो गया हूं, बहनों का दुलारा हो गया हूं, झिड़कियां थमती नहीं थी जिनकी, नौकरी मिली, तो उन सबका प्यारा हो गया ह...
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Tuesday, June 24, 2008
सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के
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ताज़ा खबर ये है कि बांगला फिल्मों के जानेमाने अभिनेता सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जा सकता है। इस बारे में बाज़ार म...
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Monday, June 23, 2008
कैसे बने कामयाब पति- कुछ नुस्खे
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आज के दौर में हर शादीशुदा या गैरशादीशुदा इंसान जिस समस्या से जूझ रहा है वह है कामयाब पति कैसे बनें की जद्दोजहद-- कक्का जी ने सोफे पर पसरते ह...
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Friday, June 20, 2008
मेरी अभिलाषा- कविता
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मैं होना चाहता हूं पेड़ ताकि कोई ले जाए तोड़कर मेरी शाख़ और मुझे जलाकर पकाए अपनी रोटियां उसकी फूंकों के संग बन कर उडुं राख मैं होना च...
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Wednesday, June 18, 2008
तपन सिन्हा को लाईफ टाईम अचीवमेंट
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ताजा समाचार ये है कि इस बार भारत का पहला लाईफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार तपन सिन्हा को दिया जाएगा। २० जून को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष...
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Friday, June 13, 2008
सस्ता शेर
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"उन्हें याद करने का ये रीज़न था कि मर जाए निगोडी़ हिचकी लेते-लेते।।" नोट - महिलाएं अपने पुरुष मित्रों के लिए 'निगोडा़' ...
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