गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Wednesday, July 30, 2008
रत्नजटित तलवार से सब्जी काटना उर्फ़ सिफारिशी लाल
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जैसा कि हमेशा होता है मेरे दफ्तर में कुछ लोग ऐसे हैं जो बड़े लोगों के खासमखास हैं। बड़े, बरगद से भी बड़े लोगों के नजदीकी, क्लोज लोग... क्लोज...
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Tuesday, July 29, 2008
इश्क और बरसात के दिन
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बरसात के दिन खूब नॉस्टेल्जिक करते हैं मुझे। दिल्ली में तो रिमझिम होती है। मकान बचपन के दिन में हम देखते थे कि आसमान हठात् काले रंग का हो ...
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Monday, July 28, 2008
ब्लांड शूर्पनखा और ब्रूनेट मेघनाद
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एक सैकुलर कहे जाने वाले न्यूज़ चैनल ने अपना मनोरंजन का चैनल शुरु किया। उत्साही लोगों को लगा, कि चलो एक गंभीर चैनल वाले मनोरंजन भी दिखैाएं...
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श्रद्धांजलि..
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बम धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि..
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Tuesday, July 22, 2008
हतोत्साहित हूं..
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सोच रहा हू एक किताब लिख डालूं॥ पत्रकारिता के पेशे में आने के बाद सोचना शुरु कर दिया है। हालांकि स्थिति ये है कि मेरे कई साथी सोचते नहीं पूछत...
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Saturday, July 12, 2008
दुनिया के नक्शे और हाथी गायब
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भला हो ग्लोबलाइजेशन का हमारा टीवी चैनलों से अंट गया है। समाचारों के ही इतने चैनल हैं कि दिखाने के लिए समाचार कम पड़ने लगे हैं। न्यूज़ चैनल म...
Wednesday, July 9, 2008
संस्कृत की परीक्षा और मैं
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मेरे जीवन में दो चीज़े बड़ी प्रॉमिनेंट रहीं हैं, मैं थियेटर में आगे और कक्षा में पीछे बैठना ही पसंद करता हूं। लोगों को थोड़ा स्ट्रेंज लग सकत...
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