गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Tuesday, March 31, 2009
जोरा-जोरी चने के खेत में
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हमने बहुत से गाने सुने हैं, जिनमें चने के खेत में नायक-नायिका के बीच जोरा-जोरी होने की विशद चर्चा होती है। हिंदी फिल्मों में खेतों में फिल्...
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Monday, March 30, 2009
उस शाम बारिश के साथ..
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उस शाम मैं अकेला नहीं था, घर शिफ्ट करने की मेहनत के बाद मैं बेहद थक गया था। बेतरह..। शाम पांच बजे नहाने के और चाय पीने के बाद इच्छा हुई कि ...
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Friday, March 27, 2009
गुलज़ार की एक नज़्म
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एक नज़्म मेरी चोरी कर ली कल रात किसी ने यहीं पड़ी थी बालकनी में गोल तिपाही के ऊपर थी व्हिस्की वाले ग्लास के नीचे रखी थी नज़...
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Thursday, March 26, 2009
आज का विचार
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सुना है कि जॉन बुकानन ने गांगुली को दंतहीन करने के वास्ते मल्टीकेप्टेंसी का फॉर्म्युला सामने रखा है, लेकिन ये आइडिया उन्हें मिला कहां से...
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गांधी बनाम गांधी
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एक ने दूसरे से मुस्किया कर कहा- चुनाव से इतने पहले ही सारी मीडिया पर छाए रहोगे तो चुनाव में क्या करोगे? दूसरा जल-भुन गया, सब कुछ के बावजूद ...
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Wednesday, March 25, 2009
कुटाई के किस्से-स्वेटर पेड़ पर, हम नीचे
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स्कूल से लौटते वक्त रास्ते में एक बागीचा पड़ता था। लड़कियों के स्कूल का पिछला हिस्सा था वह। किसी जज साहब की कोठी थी जो बाद में जज साहब ने मर...
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Tuesday, March 24, 2009
नॉस्टेल्जिया- वेद प्रकाश शर्मा का कोख का मोती
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वेद प्रकाश शर्मा का नाम लुगदी साहित्य के पढाकूओं के लिए ऐसे ही होगा जैसे हिंदी वालों के लिए तुलसी या सूर या कबीर। लेकिन अगर कोई तुलसी के मान...
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