गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Sunday, July 26, 2009
लमही में
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बहुत छोटा था जब मैंने गोदान पढ़ ली थी। उससे भी पहले छठी क्लास में हिंदी की पाठ्य पुस्तक में प्रेमचंद के बचपन का ज़िक्र था। तो मन में एक उ...
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Wednesday, July 22, 2009
सूर्यग्रहण और मेरा तजुर्बा
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सूर्य ग्रहण को बादलों का ग्रहण लग गया। वडोडरा में उर्मि स्कूल में साइंसदानो और छात्रों का हुजूम जमा था। मां-बाप बच्चों को सदी का अजूबा दिखान...
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Monday, July 20, 2009
कबीर के गांव में-२
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हम जब कबीर के गांव पहुंचे, तो हवा में अजब-सी आध्यात्मिकता घुली थी। १० फीट चौड़ी सड़क पक्की थी। लेकिन सड़कों के पक्का होना गांव की तरक्की का...
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Saturday, July 11, 2009
कबीर के गांव में
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कानपुर से निकले तो दिन के दो बज रहे थे। गरमी इतनी थी कि पूछो मत..। मिजाज़ गरम हो गया..। आँखे लहरने (जलने) लगीं । बहरहाल, बनारस पहुंचते-पहु...
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Monday, July 6, 2009
मेरा भारतनामा-२ कानपुर में एक दिन
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कानपुर में सुबह को उठते-उठते देर हो गई थी। लेकिन हमने बचपन में पढ़ा था कि कानपुर भारत का मैनचेस्टर है। शायद इसी उत्सुकता की वजह से हमने वहां...
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Tuesday, June 30, 2009
लालगढ़ः बोउदी-र होटेल
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आप चौंक गए होंगे..लालगढ़ में किस होटल की बात कर रहा हूं मैं। जनाब ये सच है कि मैं उसी लालगढ़ की बात कर रहा हूं, जहां माओवादियों ने सरकार ...
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Monday, June 29, 2009
आज का विचार-२
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दुनिया में उत्तरजीविता और सुखी रहने के दो नि.यम हैं- १. जो पसंद है उसे हासिल करना सीख २. जो हासिल है, उसे पसंद करना सीख लें. मंजीत ठा...
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