गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Thursday, October 1, 2009

बादलों में गुस्ताख़

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रावण दहन का दिन था.. घर के लोग पूरा जोर लगा रहे थे कि रावण के पुतला दहन हो तो उसका चश्मदीद मैं भी बनूं। लेकिन मुझे रावण से बहुत सहानुभूति ...
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Thursday, September 17, 2009

बुत हमको कहें काफ़िर....विनोद दुआ बनाम डीडी

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दूरदर्शन (टीवी के लिए हिंदी शब्द) के पचास साल पूरे क्या हो गए.. सरकारी चैनल डीडी के आलोचकों का मानों मुंह खुल गया। वैसे सिला ही कब था? १५ सि...
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Wednesday, September 9, 2009

बारिश के बहाने

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आज दिल्ली का आसमान बेतरह काला है, रात, नहीं भोर में बरसात हुई थी। दफ्तर की ओर चला तो सड़कें गीली-गीली थी। ऐसे मानों किसी मां ने पैर छितरा क...
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Friday, September 4, 2009

अमिताभ के जूते में शाहरुख के पांव

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अमिताभ बच्चन का जो एंग्री यंगमैन का किरदार था, वह एक क़िस्म की सामाजिक नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ नौजवानों का जवाब था। यह सब कुछ लगभग 20 साल तक चल...
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Monday, August 31, 2009

डेडिकेटेड टू माइ फर्स्ट लव

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डेडिकेटेड टू माइ फर्स्ट लवये पंक्ति होगी मेरी किताब के पहले पन्ने पर .... बिलकुल सादा पन्ना जिसके बीच में होंगी ये लाईनें। इटैलिक्स में.... ...
Thursday, August 27, 2009

गुस्सैल नौजवान अब फेंके हुए पैसे भी उठाता है- बदलता दौर बदलते नायक

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उस दौर में जब राजेश खन्ना का सुनहरा रोमांस लोगों के सर चढ़कर बोल रहा था, समाज में थोड़ी बेचैनी आने लगी थी। राजेश खन्ना अपने 4 साल के छोटे सु...
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Monday, August 24, 2009

बदलता दौर, बदलते नायक-३

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दिलीप-देवानंद और राज कपूर के दौर के ठीक बाद या उसके दौरान ही हिंदी सिनेमा में सुपरस्टारडम की शुरुआत हुई। इस दौर में राजेश खन्ना रौमांटिक किर...
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