गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Tuesday, December 29, 2009

सतभाया का शेष

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उड़ीसा के केंद्रपाड़ा में एक पंचायत है सतभाया..। इस पंचायत में कभी सात गांव हुआ करते थे। और रकबे की ज़मीन थी ३२० वर्ग किलोमीटर। अब बचे हैं ड...
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Thursday, December 17, 2009

कविताः ट्रिकल डाउन

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हाथ फैलाए.... ढाई पसली की जनता को मिला आश्वासन मनमोहिनी मुद्रा में, दिया बयान धनकुबेरों को होने दो और भी धनी उनके टैंकर में जब भर ...
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Tuesday, December 1, 2009

कविता- तू मेरा इतिहास

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मुझको ये अहसास रहा है, तू मेरे ही पास रहा है। मन प्यासा है जिसकी खातिर, बनकर मेरी प्यास रहा है। अपने अंदर पढ़ लो मुझको तू मेरा इतिहास रहा है...
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Sunday, November 22, 2009

गुस्ताख का रिटायरमेंट प्लान

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कक्का जी हड़बड़ाए हुए जा रहे थे। क्या हुआ कक्का जी? गुस्ताख ने बड़ी अदा से पूछा। कक्का के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं, एक दम फक्क..। 'अ...
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Friday, November 20, 2009

क्योतो से कोपनहेगन

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क्योतो में जिन मुद्दों पर सहमति हुई थी, उस पर अंकल सैम का अड़ियल रवैया जारी है। चीन जाकर ओबामा ने भी कोपनहेगन से ज्यादा उम्मीदें न रखने की स...
Wednesday, November 18, 2009

गरम होता धरती का मिजाज़

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धरती के गर्म होने की प्रक्रिया ग्रीन हाउस एफेक्ट कहलाती है। दरअसल ग्रीन हाउस ठंडे इलाकों में कांच के घर होते हैं, जिनके अंदर खेती की जाती है...
Tuesday, November 17, 2009

पर्यावरण परिवर्तनः प्रलय की ओर

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टीवी का ज़माना है, और रवीश के शब्दो में शाकाल जैसा कोई टकला ज्योतिषी २०१२ में दुनिया में प्रलय का एलान कर जाता है। मुझे नहीं पता कि ज्योतिषी...
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