गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Wednesday, April 28, 2010
पूर्वोत्तर-तस्वीरों में
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पूर्वोत्तर का सौंदर्य वास्तव में अतुलनीय है। यहां की नदियां इतनी बलखाती और सुंदर हैं कि बस मन मोह लें। पहाड़ों के नीचे उतरते बादल... और हम ऊ...
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Monday, April 26, 2010
तस्वीरः जहां मैं झोंपड़ी बनाऊंगा...
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गुस्ताख़ बहुत दिनों से यह बताने के चक्कर में था कि उसका ड्रीमलैंड क्या है। पहले बचपन में सोचता था कि स्विट्ज़रलैंड बहुत खूबसूरत है। वहां जान...
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Sunday, April 25, 2010
कविता- कप की कतार
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आज विज्ञान भवन में पंचायती राज दिवस का समारोह मनाया गया। प्रधानमंत्री से लेकर पंचायत के सरपंच तक मौजूद थे। सीपी जोशी से लेकर मोंटेक सिंह अहल...
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Friday, April 23, 2010
अरुणाचल में परशुराम कुंड का सफर
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यह अटपटा लग सकता है कि अरुणाचल में कोई परशुराम कुंड होगा, लेकिन यह सच है। तेजू जाने के रास्ते में हाइलुंग के पास एक जगह है जिससे पहले चीन क...
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Monday, April 19, 2010
कलिकाल कलियुग की तस्वीर-एक्सक्लूसिव
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किसी ने न जाना होगा कि कलिकाल में एक ऐसा महावीर गुस्ताख पैदा होगा जो सीधे कलियुग की ही तस्वीर खींच लाएगा। किंतु हे सुधी पाठकों, ऐसा ही है। ...
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Sunday, April 18, 2010
मिथिला के जानकारों से मदद चाहिए
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पाठकों से निवेदन है कि उनमें से जो भी मिथिला की लोककथाओं से परिचित हों, कृपया उन्हें जानने में मेरी मदद करें। लोरिक-लोरिकाईन, दीना-भद्री, रा...
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Friday, April 2, 2010
झारखण्ड में मेला: तस्वीरों में
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पिछले दिनों मैं अपने कस्बे गया था, वहा एक मेला लगा था, मेले के रंग कैमरे की नज़र स कुछ इस तरह दिखे मुझे, पेश-ए-नज़र है....
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