गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Monday, July 19, 2010

बेख़बरी का फ़ायदा

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लबलबी दबी – पिस्तौल से झुँझलाकर गोली बाहर निकली. खिड़की में से बाहर झाँकनेवाला आदमी उसी जगह दोहरा हो गया. लबलबी थोड़ी देर बाद फ़िर ...
Wednesday, July 14, 2010

तेरे लिए-कविता

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 सुना है  तुम रेत पर चलती हो,  बरहना-पा, रेत के रंग की हो, सुनहरी,  सुना है- तुम्हारी आंखों के काजल, बादल को मात देते हैं.. सुना है, ...
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Monday, July 5, 2010

इसलाह

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"कौन हो तुम..? तुम कौन हो?" "हर हर महादेव"! "हर हर महादेव"! हर हर महादेव! "सुबूत क्या है?" सुब...
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Sunday, June 20, 2010

तारीफ और हक़ीक़त

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आज शहंशाह का जन्मदिन था। एक चमकता हुआ दिन..। एक पुरानी रस्म के मुताबिक हर महीने जन्म दिन वाली तारीख को सभी वजीर, ओहदेदार, आलिम और शायर इकट्ठ...
Thursday, June 17, 2010

कविता-हवा का रुख

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हवा का रुख़, भांपते हैं रखे पेपरवेट, और कलमें कर रही हैं, काग़ज़ी आखेट। सुरक्षित खुद को समझते, पहनकर इस्पात, राष्ट्र को संदेश, करते ...
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Monday, May 31, 2010

नवविवाहित जोड़े का आशीर्वाद दें..

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कुछेक दिन पहले हमारे मित्र सुनील उर्फ साहिर की शादी हुई। वह रुद्रप्रयाग के रहने वाले हैं और उनका विवाह हुआ गुप्तकाशी में..हम उनकी शादी में श...
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Tuesday, May 18, 2010

उड़ीसा में गुस्ताख- तस्वीरों में भीतरकनिका

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गुस्ताख उड़ीसा गया था। कवरेज के सिलसिले में। वहां मैं भीतरकनिका नैशनल पार्क के भीतर गया था। उसकी तस्वीरों का लुत्फ उठाइए। भीतरकनिका नैशन...
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