गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Saturday, August 28, 2010

सावन-भादों मे बलमुआ हो चुबैये बंगला

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सावन-भादों मे बलमुआ हो चुबैये बंगला सावन-भादों मे...! दसे रुपैया मोरा ससुर के कमाई ...
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Thursday, August 26, 2010

बाथरुम बुद्धिजीवियों को नमन

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आप सबने बाथरूम सिंगर शब्द ज़रूर सुना होगा। कई तो होंगे भी। बाथरूम में गाना अत्यंत सुरक्षित माना जाता है। न पड़ोसियों की शिकायत, न पत्नी की...
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Saturday, August 21, 2010

मेरे दोस्त की प्रेम कहानी बनाम चौधरी की जात

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ये किस्सा मुझसे जुड़ा भी है और नहीं भी। यह सच भी हो सकता है और नहीं भी। यानी यह फिक्शन और नॉन-फिक्शन के बीच की चीज़ है। कहानी पढ़कर आपसे ...
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Tuesday, August 17, 2010

जीवन के चक्रव्यूह में अभिमन्यु हो गया हूं...

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याद है पिछली बार हम कब रोए थे? कभी जिंदगी में ऐसे क्षण आते हैं, जब आप रोना चाहते हैं..बुक्का फाड़कर। लेकिन रो नहीं सकते..क्योंकि आपकी ...
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Sunday, August 15, 2010

पीपली लाइव- मेरी नजर में (पुनर्मूल्यांकन)

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पीपली लाइव हरिशंकर परसाई और शरद जोशी के राजनैतिक कमेंट्स को फिर से पढ़ने सरीखा है। आप पैनेपन को अगर महसूस नहीं  कर सकते तो आपको यह फिल्म ...
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बैठे-ठाली छंदब्द्ध गुस्ताखी

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जय भोले महादेव-शिव-शंकर मार दो अब दुश्मन को कंकर, आज अखाडे मे भगवान, घुमा दो तेजों में निज लंगर, सामने दुश्मन आने ना पावे, आ जाए तो ज...
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Wednesday, August 11, 2010

पिता को खोना सबसे बड़ा नुकसान है...

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सावन की अमावस्या मेरे पिता की पुण्यतिथि होती है..। यह तारीख कल थी..। पिता रोज़ याद आते हैं लेकिन कल उन्हें याद करने की कई वजहें पैदा हो जात...
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