गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Friday, September 24, 2010
खुले बालों वाली लड़की- तीसरी किस्त
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दूसरे अंक से आगे... आमतौर पर बदतमीज माने जाने वाले अभिजीत से इस तरह लजाने की उम्मीद कोई भी नही करता था। ... वह सावधानी से उधर उधर ताक ...
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Tuesday, September 21, 2010
खुले बालों वाली लड़की- दूसरी किस्त
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पहले अंक से आगे... कजरारे आंखो ने कहा, अनामिका मैं ही हूं। उस वक्त अभिजीत के पास कहने के लिए कुछ खास था भी नही, ना दिमाग में, ना ही ज़बा...
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Monday, September 20, 2010
खुले बालों वाली लड़की- पहली किस्त
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( बहुत दिनों तक नॉन फिक्शन लिखने के बाद एक दिन मेरे दिल में ख्याल आया कि फिक्शन लिखा जाए। मुझे इस मामले...
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Friday, September 17, 2010
हिंदी की चिंदी
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हिंदी दिवस गुजर गया, हिंदी पखवाड़ा भी बस चला ही गया समझ लो। पर साल पितृपक्ष की तरह यह पखवाड़ा भी थोड़े मन से और ज्यादा अनमने ढंग से निभा ले ...
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Sunday, September 12, 2010
एक टोकरी भर मिट्टी- माधव राव सप्रे
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मध्य बारत में पत्रकारिता के जनक पं माधवराव सप्रे का जन्म दमोह में जून 1871 में हुआ था। सन 1900 में समूचे छत्तीसगढ़ में प्रिंटिग प्रेस नही था...
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Thursday, September 9, 2010
रानी केतकी की कहानी
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यह संभवतः हिंदी के इतिहास की पहली कहानी है। पाठको के लिए पेश कर रहा हूं। हालांकि किशोरी लाल गोस्वामी की इंदुमती औरमाधव प्रसाद सप्रे की टोकरी...
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Tuesday, September 7, 2010
कचनार, गुलमोहर, अमलतास
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लोगों को घर की याद आती होगी, घरवालों की याद आती होगी। याद आती होगी दोस्तो की, जो कहीं न कहीं नून-तेल-लकड़ी के जुगाड़ में व्यस्त होंगे। किन्...
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