गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Thursday, October 28, 2010
ग़ौरतलबः करवा चौथ, धर्म की परिभाषा, तीन कोण
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हाल ही में फेसबुक पर मैंने एक छोटी-सी बात रखी थी, बेटे के लिए जितिया, पति के लिए करवा चौथ और तीज...खुद के लिए? मैंने ऐसा लिखा था महज इ...
Sunday, October 17, 2010
रे रे मेघनाद..बचपन की दुर्गापूजा
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...लक्ष्मण ने मेघनाद से गुर्रा कर कहा, रे रे मेघनाद..तुज्झे तो मौत आण परी है...गेरुए कपड़े में लिपटे लक्ष्मण को ऐसे चीखते देख मेघनाद को किस...
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Saturday, October 16, 2010
गुस्ताख़ ऐसा भी है...
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Friday, October 15, 2010
तेरे जैसा कौन उठे- हीरो जी की दास्तां
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एक हैं हीरो जी। यूं तो उनका चेहरा थोड़ा-बहुत समोसे जैसा है और उस पर उनका मुख ऐसा, कि कोई अगर बहुत ध्यान से न देखे तो लगे कि चुंबनोद्यत है। ...
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Friday, October 8, 2010
खुले बालों वाली लड़की- चौथी किस्त
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तीसरे अंक से आगे.... अभिजीत ने खुद को बंटा हुआ पाया। अनामिका का हताश होता जा रहा प्रेमी...अपनी पत्नी का पति...या फिर अपने बेटे का बाप.....
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Friday, October 1, 2010
अयोध्या और कलमाड़ी
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Friday, September 24, 2010
खुले बालों वाली लड़की- तीसरी किस्त
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दूसरे अंक से आगे... आमतौर पर बदतमीज माने जाने वाले अभिजीत से इस तरह लजाने की उम्मीद कोई भी नही करता था। ... वह सावधानी से उधर उधर ताक ...
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