गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Friday, January 28, 2011
जाड़े की सुबह-कविता
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बहुत सुबहों के बाद, आज सुबह जगा, पाया, आज बहुत ठंड है, खोजता रहा कहीं गरमाहट, उम्मीद की... लाल सूरज भी सिकुड़ता-सा लगा.. कोहरा तो नहीं...
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Tuesday, January 25, 2011
ये किसका गणतंत्र है...
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ये किसका गणतंत्र है? पूरे देश का या सिर्फ खास लोगों का। और देश है कहां...देश किसके लिए काम कर रहा है? क्या वक्त आ गया है कि जनता सड़कों पर ...
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Monday, January 24, 2011
अब कौन मिलाएगा सुर...
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बहुत पहले, दूरदर्शन पर फिलर चला करता था... मिले सुर मेरा तुम्हारा.. । दो धारावाहिकों के बीच-खासकर रविवार को-हमें मिले सुर मेरा तुम्हारा सुन...
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Tuesday, January 18, 2011
क्या आप गायक बालेश्वर को जानते हैं?
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क्या आप भोजपुरी संगीत को सिर्फ अश्लील सिनेमाई गानों और गुड्डू रंगीलाओं और पवन सिंहों की वजह से जानते...
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Friday, January 14, 2011
याद शहर...
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एफ एम रेडियो से तब से बावस्ता हूं, बतौर एक श्रोता...जब से एफएम शुरु हुए। रेडियो जॉकीज़ की चीख-चिल्लाहट...उनकी उल्टी-पुल्टी खुराफातों और लफ्...
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Monday, January 3, 2011
मेरा फोटो ब्लॉग
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मित्रो मैंने एक फोटो ब्लॉग शुरु किया है। लीडिंग लाईन्स नाम से...। आप कृपया आप देखें और अपनी राय दें। नीचे ताजा पोस्ट का लिंक डाल रहा हूं...
Friday, December 31, 2010
नव वर्ष की मंगलकामनाएं, बकौल पंत जी
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नए साल की कविता वर्ष नव, हर्ष नव जीवन उत्कर्ष नव नव उमंग नव तरंग जीवन का नव प्रसंग नवल चाह नवल राह ज...
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