गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Saturday, May 14, 2011
मां, माटी मानुष से आगे क्या?
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बंगाल में बदलाव की बयार नही, अंधड़ आ गया। मेरे अनुमानों से कहीं ज्यादा घना बदलाव था यह। ममता की आंधी में खुद मुख्यमंत्री उड़ गए। वह भी साढे...
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Friday, April 22, 2011
पश्चिम बंगालः ममता लहर को पलीता
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दूसरे दौर में कांग्रेसी असंतुष्ट लगा सकते हैं ममता लहर को पलीता, बागी उम्मीदवारों से सीपीएम की राह हो...
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Sunday, April 17, 2011
पश्चिम बंगाल चुनावः सीपीएम को खारिज मत कीजिए
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पश्चिम बंगाल में हूं,,चुनावी कवरेज में। पहले दौर में 54 सीटों पर मतदान होना है 18 को। कई चैनल ममता लहर की बात कर रहे हैं। चुनाव पूर्व सर्वेक...
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Thursday, March 17, 2011
अपने मुंह...मियां..(होली विशेष)
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लेखक को दो चीज़ों से बचना चाहिए : एक तो भूमिकाएँ लिखने से, दूसरे अपने नजदीकी लेखकों के बारे में अपना विचार प्रकट करने से। यहाँ मैं दोनों भू...
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Thursday, March 10, 2011
सिनेमा-राजा रविवर्मा का असर
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राजा रवि वर्मा भारतीय चित्रकला के इतिहास में एक खास स्थान रखते हैं। भारतीय चित्रकला के सौंदर्यबोध को उन्होंने एक जीवंत छवि दी। बेशक उनपर यूर...
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Sunday, March 6, 2011
....मुहबब्त एगो चीज है-चौथी किस्त
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"दीवाना बनाना है तो दीवाना बना दे, डर है कहीं तक़दीर तमाशा न बना दे।" हम नंबरों को अपने फोन में सुरक्षित कर लेते हैं...आदमी नंब...
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Saturday, March 5, 2011
सिनेमाः प्रचार के निहितार्थ- दूसरी किस्त
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शुरुआती फिल्मों के विज्ञापनों पर रहा ललित कलाओं का असर, बाद में शुद्धतावादियों को लगी हेठी सजीव फोटॉग्रफी जैसे शब्दों के विज्ञापनों में इस...
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