गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Saturday, September 24, 2011
अजीब `मौसम` है ये , बिखरा-बिखरा बिगड़ा-बिगड़ा सा...
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मौसम किसी का भी मूड बिगाड़ने की काबिलियत खुद में समेटे है। कॉमेडी , ट्रेजेडी, रोमांस का ये दमघोंटू कॉकटेल पंजाब के मल्लूकोट, कश्मीर , अहमदा...
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Friday, September 23, 2011
चलो हमहूं यात्रा कै आई
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एक रहें निरहू, एक रहें घूरहू। दुनू जने के सपन आवा कि यात्रा कै लेबा तौ तोहार भाग चमक जाई। भई योजना...
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Monday, September 19, 2011
मोदीः विचारक, प्रचारक या विकासपुरुष
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नरेन्द्र मोदी अपने राजनैतिक उपवास पर बैठें हैं। गुजरात में उनकी राजनीति चमक रही है, सफेदी की चमकार से वह बीजेपी के दूसरे नेताओं को चमत्कृत ...
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Saturday, September 17, 2011
क़िस्सा कहानी-दाल बिरयानी उर्फ धर्मात्मा सेठ जी
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एक थे सेठ जी। जैसा कि आमतौर पर कहानियों में होता है, सेठ जी बड़े दयालु थे और प्रायः पुण्य इत्यादि करने के वास्ते हरिद्वार वगैरह जाते रहते...
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Monday, September 12, 2011
नायक तलाशता भारत
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अन्ना हजारे का रामलीला मैदान में चल रहा अनशन खत्म तो हुआ, लेकिन वह कई सवाल भी छोड़ गया है। इस अनशन के दौरान मैं अन्ना हूं लिखी गांधीटोप...
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Wednesday, September 7, 2011
ये सोना, वो सोना
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सोकर उठा तो सुना कि सोना 28 हजार रुपये तोला हो गया। पहले तो डर लगा, सोना इतना मंहगा ! जबकि सोना मेरा शगल है। जैसे ही मौका मिलता है, सो लेता...
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Saturday, September 3, 2011
पुरवैया-सी आंखेः कविता
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वो आंखे, जिनमें जहान समाया था वो आंखे, जो बोलती थीं फर-फर पुरवैया की तरह, वो आंखे, जिनमें थी हरकतें किसी- गोरैया की तरह, वो आंखे...
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