गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Sunday, November 27, 2011
फलक- फेसबुक लघु कथाएँ उम्दा रचनाएँ
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मेट्रो मुहब्बतः कुलदीप मिश्रा कथाकारः कुलदीप मिश्रा (कुलदीप मिश्रा दैनिक भास्कर में चंडीगढ़ में सह-संपादक हैं। आईआईएमसी से पत्रकार...
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Wednesday, November 23, 2011
कभी पूजे जाते थे पलायन करने वाले-भाग दो
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....पिछली पोस्ट से आगे... द क्षिणी मध्य-प्रदेश और खानदेश के सिवनी, छिंदवाडा, चंद्रपुर के गोंड साम्राज्य में तालाब बनवाने के लिए बनारस के...
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कभी पूजे जाते थे पलायन करने वाले
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--- राकेश दीवान ( भोपाल में राकेश दीवान जी से मुलाकात हुई, एक सेमिनार मेँ। मेरी फिल्म पर उनकी प्रतिक्रिया वाकई उत्साह बढाने वाली थी। उनका...
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Thursday, November 17, 2011
मय सूरज, शबनम साकी हैः कविता
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एक शाम, सूरज मचल गया, किसी के प्यार में पिघल गया, पहले लाल हुआ फिर सुनहरा होकर गिलास में ढल गया बन गया एक जाम एक शाम। एक भोर, अ...
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Saturday, November 12, 2011
अंधेर नगरी, चौपट चैनल
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एक बार क्या हुआ कि वाकया बहुत दिलचस्प हुआ। अंधेर नगरी नामक राज्य के राजा को- जो कि एक बब्बर शेर था- एक चैनल की जरुरत महसूस हुई। ताकि वह चैन...
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Wednesday, November 9, 2011
भूली-बिसरी चंद यादें
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परसों शाम को अचानक पीयूष का फोन आया। फेसबुक, मोबाईल फोन, इंटरनेट ने दुनिया न जाने कितनी बदल दी है। पीयूष से पिछले आठ सालों से बात नहीं हुई ...
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Friday, November 4, 2011
सप्तपर्णी का मौसम
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सप्तपर्णी के फूल खिल गए हैँ। उसकी मादक गंध मेरे दिलोदिमाग में छाती जा रही है। यह गंध मुझे अपने दस साल पीछे अतीत में ले जाती है। दिल्ली खु...
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