गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Tuesday, February 28, 2012
थी, हूं, रहूंगी... वर्तिका नन्दा का कविता संग्रह
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व र्तिका नंदा आईआईएमसी में हमें पढ़ाती थीं। उनकी दृष्टि में हम संस्थान से निकलने के बाद भी बने रहे ...कविताएं तब भी लिखती थीं, हमें भी पूछ...
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Friday, February 24, 2012
द पोएट चाइल्ड-जिजीविषा की गाथा
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जिजीविषा की अद्भुत गाथा भारत में ही नहीं दुनिया भर में ईरानी फिल्मों को लेकर एक शानदार उत्साह है। लोग उन्हें देखना चाहते हैं। गोवा फिल्मो...
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Tuesday, February 21, 2012
पढ़ाई लिखाई, हाय रब्बा
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मेरे सुपुत्र का एडमिशन स्कूल में हो गया। यह एडमिशन का मिशन मेरे लिए कितना कष्टकारी रहा, वह सिर्फ मैं जानता हूं। इसलिए नहीं कि बेटे का दाखिल...
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Thursday, February 16, 2012
बौद्धिकता के बहाने
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आपने मेरी तस्वीर, जिसे मैं प्यार से फोटू कहता हूं, देख ही ली होगी। इस तस्वीर को खिंचवाने में बहुत मेहनत करनी पड़ी मुझे। मुझे लगा कि ऐसी तस...
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Wednesday, February 15, 2012
शहरयार का जाना..
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कल शाम रितु वर्मा का मेसेज आय़ा...शहरयार पर कुछ लिख रहे हो? तब तक ये पता न था कि शहरयार नहीं रहे...फिर नेट पर ही शहरयार को बहुत पढा। मुझे ...
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Monday, February 13, 2012
हतोत्साहित हूं...
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सोच रहा हूं एक किताब लिख डालूं। पत्रकारिता के पेशे में आने के बाद सोचना शुरु कर दिया है। हालांकि स्थिति ये है कि मेरे कई साथी सोचते नहीं ...
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Sunday, January 29, 2012
कहानीः बोंसाई भाग दो
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मास्टर साहब के दावे उसे आज भी याद हैं...क्योंकि वो सच ही निकले थे। बनवारी लाल दसवीं की परीक्षा तीसरे दर्जे-जिसे अँग्रेजी में थर्ड डिवीजन और...
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