गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Wednesday, January 28, 2015
आवारापनः कर्नाटक में ग्रोथ की अकथ कथा
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अभी तो बंगलोर के उस लाल बाग का जिक्र , जहां हम भरी दोपहरी में गए थे। गरम धूप चेहरे पर तीखी किरचों की तरह लग रही थी , लेकिन गरमी के बाव...
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Tuesday, January 27, 2015
आवारापनः बंगलोर से गुलबर्गा, कुछ तस्वीरें
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बंगलोर का लाल बाग, यह है मेरा वाला एंगल फोटोः मंजीत ठाकुर लाल बाग, बंगलुरू के किसी कोने में खिला था यह फूल, पत्रकार की नज़र तो पड़न...
Saturday, January 24, 2015
आवारापनः उफ़! गुलबर्गा
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रात गहरा गई है। नीम के पत्तों में गरम हवा सरसरा रही है। मैं काले कोलतार की सड़क पर घूम रहा हूं , अमलतास की पीली पंखुड़ियां पैरों के नीचे क...
आवारापनः किष्किन्धा से बहमनों की धरती की ओर
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उस वक्त हम गुलबर्गा में थे। कर्नाटक का हैदराबाद की तरफ वाला इलाका। हंपी से उत्तर। मेरे कमरे में बालकनी है, सामने एक इमली का पेड़। मौसम ब...
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Tuesday, January 20, 2015
आवारापनः किष्किन्धा कांड!
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गरमियों में कर्नाटक जाना हुआ था। लेकिन आवारगर्दी कहिए या फिर खानाबदोशी की मेरी आदत, एक जगह टिककर रहना नहीं हुआ। बीजापुर , गुलबर्गा वगैरह म...
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Thursday, December 25, 2014
पीकेः धर्म का मर्म तो अब लुल्ल एलियन ही समझाएगा
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किसी फिल्म को देखने के दो नज़रिए होते हैं। अव्वल तो यह कि समाज में मौजूदा घटनाओं के बरअक्स कोई फिल्म अपनी जगह कहां रखती है। दोयम, अपनी क...
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Thursday, November 27, 2014
नेपाल को फॉर ग्रांटेड न ले भारत
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दक्षिण एशियाई देशों के संगठन-दक्षेस के शिखर सम्मेलन को कवर करने के लिए काठमांडू में हूं। काठमांडू हवाई अड्डे पर बुनियादी सुविधाओं की कमी है...
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