गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Sunday, November 27, 2016
टिकाऊ विकास से बचेंगी भावी पीढ़ियां
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टिकाऊ विकास से बचेंगी भावी पीढ़ियां, यह समझना ज़रूरी कि हम सारे संसाधन खुद ही खर्च कर देंगे या कुछ बचाकर भी रखेंगे। मंजीत ठाकुर इस वक...
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Tuesday, November 22, 2016
मैं हमेशा नहीं रहूंगा
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तुम साथ रहोगे न हमेशा? नहीं, तुम हमेशा नहीं रहोगे। सूरज, धरती, चांद, सितारे और भी जो हैं जगमग सारे और सपनों की भी होती है एक उम्र। साइंसदां...
Saturday, November 19, 2016
बेपानी सियासत में पानी की राजनीति
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चुनावी वक्त में पानी की तरह रूपया ज़रूर बहाया जाता है लेकिन पानी को पानी की ही तरह बहाना मुद्दा है। ताजा विवाद पंजाब बनाम हरियाणा का है, जह...
Thursday, November 17, 2016
सोनम गुप्ता बेवफ़ा क्यों है...
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जब इंसान के हाथ में नोट ही न हों, पता लगे कि आपके पास के 86 फीसद, अरे साहब वही 5 सौ और हजार वाले नोट, अब सब्जीवाले, चायवाले, कपड़ेवाले, धोब...
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Saturday, November 12, 2016
ज़रूरी है धुएं की लकीर पीटना
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दिल्ली में ज़हरीला कोहला हटने या छंटने के हफ्ते भर बाद मैं अगर इसकी बात करूं, तो आप ज़रूर सोचेंगे कि मैं सांप निकलने के बाद लकीर पीटने जैसा...
Thursday, November 10, 2016
मंगल ठाकुर की मैथिली कविताः दो
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आबहु आऊ अहां अशेष, बड़ सहलहुं अछि आब कलेष, मेटल ठोप, बहल दृग अंजन नहिं आओल अछि किछु संदेश। बीतल दिन बीतल ऋतु चारि अंकुर निकसल धरती फारि पु...
Saturday, November 5, 2016
चीन की चुनौती से निपटने के लिए नेपाल है जरूरी
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अठारह साल बाद भारत के किसी राष्ट्रपति की यह नेपाल यात्रा थी। 2 से 4 नवंबर तक हुई यह यात्रा इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन ने रणन...
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