गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Saturday, March 24, 2018
हमारा फेसबुक और आधार का डेटा चुराकर कर क्या लोगे बाबू!
›
सुबह अखबार में खबर आई तो गांव में जो भी भाई-बंदा अपने मोबाइल पर फेसबुक चलाता था, एकदम से सहमा हुआ था और गुड्डू आंखें फाड़-फाड़कर तकरीबन बेह...
Tuesday, March 13, 2018
'ये जो देश है मेरा' पर विनय कुमार की प्रतिक्रिया
›
मूलतः विस्थापन और वंचित इलाकों के विकास को केंद्र में रखकर लिखी गई मेरी किताब 'ये जो देश है मेरा', पर मेरे मित्र और अच्छे कथाकार व...
Friday, March 9, 2018
नीमः सकुचाते फूलों का वह वीतराग झरना
›
याद आता नीम के नीचे रखे पिता के पार्थिव शरीर पर सकुचाते फूलों का वह वीतराग झरना – जैसे माँ के बालों से झर रहे हों – नन्हें नन्हें फूल जो आँ...
3 comments:
Wednesday, March 7, 2018
एक पाठक की नज़र से "ये जो देश है मेरा"
›
मेरी किताब, ये जो देश है मेरा पर समीक्षात्मक टिप्पणी लिखी है, मेरे अनुज सदृश रामकृपाल झा ने, एक सामान्य पाठक जब किसी क़िताब को पढ़ना शुरू कर...
Sunday, March 4, 2018
फूटा घट-घट घटहिं समाना
›
अभिनेत्री श्रीदेवी के अचानक निधन से पूरा देश सदमे में आ गया था. 24 फरवरी की रात अचानक खबर आई कि दुबई में श्रीदेवी का हार्ट अटैक से निधन हो ...
2 comments:
Thursday, February 22, 2018
ज़बानी पकौड़े के दौर में मिथिला का तरूआ है सदाबहार
›
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार का जिक्र करते हुए पकौड़े का नाम क्या लिया, सड़क से लेकर संसद तक हर तरफ पकौड़ा प्रकरण चर्चे में आ गया. इ...
1 comment:
Friday, February 16, 2018
जीवन का असली मजा तो गोलगप्पे में है
›
बाजार गया तो देखा भीड़-भाड़ के बीच भी एक जगह कुछ ज्यादा ही भीड़ थी. गोल घेरा-सा बना था. खासकर महिलाओं की ज्यादा तादाद थी. जिज्ञासावश वहां ग...
‹
›
Home
View web version