गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Monday, April 23, 2018
कृषि सरकार की प्राथमिकताओं में कहां खड़ी है?
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खुदा का शुक्र है कि इस साल इंद्र भगवान भारत पर अपनी कृपा बनाएंगे. इस साल मौसम विभाग ने मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान लगाया है. यह अनुमान कि...
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Thursday, April 12, 2018
सन्तो जागत नींद न कीजै
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जीवन में सबसे जटिल दिखने वाली चीजें सबसे सरल होती हैं, यह कहना किसी को उम्मीद का दिया दिखाने जैसा है. किसी लड़ रहे शख्स के अंदर के नैराश्य ...
Wednesday, April 4, 2018
कृषि में ग्रीन के बाद अब जीन क्रांति का वक्त
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महाराष्ट्र के किसान जब बिवाई फटे पैरों के साथ नासिक से मुंबई पहुंचे तो सोशल मीडिया में जैसे जाग पड़ गई. सोशल मीडिया पर उधड़ी चमड़ी वाले पैर...
Saturday, March 24, 2018
हमारा फेसबुक और आधार का डेटा चुराकर कर क्या लोगे बाबू!
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सुबह अखबार में खबर आई तो गांव में जो भी भाई-बंदा अपने मोबाइल पर फेसबुक चलाता था, एकदम से सहमा हुआ था और गुड्डू आंखें फाड़-फाड़कर तकरीबन बेह...
Tuesday, March 13, 2018
'ये जो देश है मेरा' पर विनय कुमार की प्रतिक्रिया
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मूलतः विस्थापन और वंचित इलाकों के विकास को केंद्र में रखकर लिखी गई मेरी किताब 'ये जो देश है मेरा', पर मेरे मित्र और अच्छे कथाकार व...
Friday, March 9, 2018
नीमः सकुचाते फूलों का वह वीतराग झरना
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याद आता नीम के नीचे रखे पिता के पार्थिव शरीर पर सकुचाते फूलों का वह वीतराग झरना – जैसे माँ के बालों से झर रहे हों – नन्हें नन्हें फूल जो आँ...
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Wednesday, March 7, 2018
एक पाठक की नज़र से "ये जो देश है मेरा"
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मेरी किताब, ये जो देश है मेरा पर समीक्षात्मक टिप्पणी लिखी है, मेरे अनुज सदृश रामकृपाल झा ने, एक सामान्य पाठक जब किसी क़िताब को पढ़ना शुरू कर...
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