गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Wednesday, June 20, 2018
पीयूष सौरभ की एक कविता
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पीयूष सौरभ लखनऊ आर्ट ऐंड क्राफ्ट कॉलेज से ललित कला में परा-स्नातक हैं. जितनी सफाई से उनके ब्रश कैनवस पर चलते हैं, उतनी ही कारीगरी वह शब्दों...
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Thursday, June 14, 2018
ओस में गीले हरसिंगार जैसी ताज़ी फिल्म है अक्तूबर
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इस सिनेमाई कविता को आप पांच-दस बरस बाद भी देखेंगे तो इसके भाव उतने ही शाश्वत रूप से ताजा होंगे, जितने ओस में गीले खुद हरसिंगार के फूल. ...
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Monday, June 11, 2018
फिल्म परमाणु में भाजपा का झंडा लहराता है
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गरमी की छुट्टियां चल रही थीं तो मेरे बेटे ने जिद की कि वह फिल्म देखना चाहता है. मुझे इनफिनिटी वॉर नाम की फिल्म दिखाने का इसरार वह कर रहा था...
Saturday, June 9, 2018
मधुपुर मेरा मालगुडी है
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मधुपुर डायरी पार्ट 2: मधुपुर की सुबहें दीगर शहरों से अलग हुआ करती हैं. यह शहर मेरा मालगुडी है, और मैं उसका स्वामीनाथन. सोमवार की...
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Monday, May 28, 2018
क्या मधुपुर बेतहाशा भागने से पहले थोड़ा सोचेगा?
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मधुपुर डायरीः पहला दिन मधुपुर में जब उतरा जो आदतन पूर्वा एक्सप्रेस कोई 4 घंटे लेट हो चुकी थी. बाहर प्लेटफॉरम पर बड़े भैया खड़े थे. हम लो...
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Wednesday, May 9, 2018
विकास की दौड़ में मिथिला को नेहरू ने दिया था उपेक्षा का दंश
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सन 2008 में जब कोसी में बाढ़ की वजह से मिथिला का एक बहुत बड़ा हिस्सा तबाह हुआ था, उस समय द टेलिग्राफ के स्वनामधन्य पत्रकार विजय देव झा ने क...
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...और क़यामत नहीं ही आई!
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क़यामत भी नेताओं और माशूकाओं की तरह धोखेबाज़ है. आते-आते नहीं आती है. वायदा करती है और नहीं आती है. कई दिनों से टीवी वाले चीख रहे थे, पाक...
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