गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Friday, July 27, 2018

नीलोत्पल मृणाल का उपन्यास डार्क हॉर्स साहित्य के लोकतंत्रीकरण का सुबूत है

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डार्क हॉर्स उपन्यास में आपको वही धारा नजर आएगी जो यूपी 65 या बनारस टॉकीज या मुसाफिर कैफे में दिखाई दी थी. असल में चेतन भगत की लोकप्रियता न...
Monday, July 23, 2018

मैं तो एक मुश्ते गुबार हूं, आजाद और भगत सिंह को याद करते बटुकेश्वर दत्त का संस्मरण

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हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के कमांडर इन चीफ चन्द्रशेखर आज़ाद का आज जन्मदिवस है. पंडित जी के सपनों का समाजवादी भारत था, जिसमें सभी...
Friday, July 13, 2018

उम्मीदों और आशाओं का नया पाठ है 102 नॉट आउट

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आसानी से कहे जाने वाली इस फिल्म के खत्म होने पर आप थोड़े भावुक हो सकते हैं. लेकिन आपके पास तब जिंदगी को महज बिताने नहीं बल्कि जीने के कुछ ...
Wednesday, June 20, 2018

पीयूष सौरभ की एक कविता

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पीयूष सौरभ लखनऊ आर्ट ऐंड क्राफ्ट कॉलेज से ललित कला में परा-स्नातक हैं. जितनी सफाई से उनके ब्रश कैनवस पर चलते हैं, उतनी ही कारीगरी वह शब्दों...
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Thursday, June 14, 2018

ओस में गीले हरसिंगार जैसी ताज़ी फिल्म है अक्तूबर

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इस सिनेमाई कविता को आप पांच-दस बरस बाद भी देखेंगे तो इसके भाव उतने ही शाश्वत रूप से ताजा होंगे, जितने ओस में गीले खुद हरसिंगार के फूल.  ...
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Monday, June 11, 2018

फिल्म परमाणु में भाजपा का झंडा लहराता है

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गरमी की छुट्टियां चल रही थीं तो मेरे बेटे ने जिद की कि वह फिल्म देखना चाहता है. मुझे इनफिनिटी वॉर नाम की फिल्म दिखाने का इसरार वह कर रहा था...
Saturday, June 9, 2018

मधुपुर मेरा मालगुडी है

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मधुपुर डायरी पार्ट 2: मधुपुर की सुबहें दीगर शहरों से अलग हुआ करती हैं. यह शहर मेरा मालगुडी है, और मैं उसका स्वामीनाथन. सोमवार की...
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