गुस्ताख़

मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...

Monday, November 25, 2019

नदीसूत्रः कहीं गोवा के दूधसागर झरने का दूधिया पानी गंदला लाल न हो जाए

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गोवा की नदियों के पारितंत्र पर खनन गतिविधियों ने बुरा असर डाला है. मांडवी और जुआरी जैसी प्रमुख नदियों में लौह अयस्क की गाद जमा होने लगी है...
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Friday, November 22, 2019

अगर चुंबन निजी काम है तो हगना भी, दोनों खुलेआम कीजिए

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यह पोस्ट चुंबन पर है. पर साथ ही पाखाने पर भी है. पर मुझे उम्मीद है आप पढ़ेंगे जरूर. आज दो ऐसी बातों पर लिखना चाहता हूं जो निजी मानी जाती है...
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Tuesday, November 19, 2019

मधुपुर मेरा मालगुड़ी है

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जेहन में एक धुंधली सी तस्वीर उभरती है-जंगलों से घिरा गांव। वह गांव मधुपुर अभी भी काफी हरा है, पहले तो यहां घने जंगल थे। जंगल भी ऐसा कि सूरज...
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Friday, November 8, 2019

नदीसूत्रः पूर्णिया की सरस्वती बनने को अभिशप्त है सौरा नदी

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ब्रिटिश छाप लिए शहर पूर्णिया में एक नदी है, सौरा. यह नदी बेहद बीमार हो रही है. सूर्य पूजा से सांस्कृतिक संबंध रखने वाली नदी सौरा अब सूख चल...
Wednesday, November 6, 2019

सिनेमाई नाटकीयता से भरपूर है कुशल सिंह की किताब लौंडे शेर होते हैं

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किताबों और कहानियों के शीर्षक इन दिनों ऐसे हैं कि आप सहज ही आकर्षित होकर किताबों की विंडो शॉपिंग के लिए तैयार हो जाएं. ऐसा लगता है कि हल्क...
Tuesday, October 29, 2019

चिरकुट दास चिन्गारीः नई हिंदी के अलहदा तेवर

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वसीम अकरम का यह उपन्यास नई हिंदी को नए तेवर दे रही है. इसमें देशज शब्दों का धुआंधार और सटीक इस्तेमाल है जो नई हिंदी की बाकी बिरादरी से इस क...
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Friday, October 25, 2019

नदीसूत्रः कहीं पाताल से भी न सूख जाए सरस्वती

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अभी हाल में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने प्रयागराज के पास गंगा और यमुना को जोड़ने वाली एक भूमिगत नदी की खोज की है. इससे पहले हरियाणा, राजस...
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