गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Wednesday, January 29, 2020
नदीसूत्रः ...और जी उठी पौराणिक महत्व की नदी छोटी सरयू
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अब तक हमने नदीसूत्र में नदियों की व्यथा कथा ही लिखी थी. पर कुछ लोग वाकई अपनी तरफ से योगदान देकर विरासत बचा रहे हैं. सरयू की पूर्व धारा रही ...
Wednesday, January 22, 2020
पुस्तक समीक्षाः एक थे फूफा में उपन्यास होने की संभावना है
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एक थे फूफा, एक फूफा का रसदार ब्यौरा है जो एकदम भदेस किरदार हैं, और अस्पष्ट से ब्यौरों के बीच उनके बचपन से लेकर उनके हैं से थे होने का सफ...
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Tuesday, January 14, 2020
नदीसूत्रः गंगाजल पाइपलाईन योजना बिहार सरकार का मायोपिक विजन है
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एक तरफ गंगा खुद अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जूझ रही है, वहीं बिहार सरकार गंगा के 50 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी को गया भेजने के लिए भारी-भर...
Monday, January 13, 2020
कार्बन उत्सर्जन और पानी की कमी के बहाने ऊंटों को मारने का ऑस्ट्रेलिया का प्रपंच
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ऑस्ट्रेलिया ने तय किया है कि अगले पांच दिनों में दस हजार ऊंटों को गोली मार की खत्म कर दिया जाएगा. वजह इतनी है कि ऊंट पानी बहुत पीते हैं. ऑ...
Thursday, January 9, 2020
खेतिहर मजदूरों की संख्या बढ़ी और उनकी आत्महत्या की गिनती भी
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देश में 86 लाख किसानों की संख्या कम हो गई और विरोधाभासी रूप से खेतिहर मजदूरों की संख्या बढ़ गई. साफ है कि किसान, मजदूर बन गए. इसके साथ यह आ...
Wednesday, January 8, 2020
नदीसूत्रः सोन से रूठी नर्मदा हमसे न रूठ जाए
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लगातार होते रेत खनन, नदियों के पास ताबड़तोड़ कथित विकास परियोजनाओं और बांध बनाए जाने और इसके जलागम क्षेत्र में जंगल का अबाध कटाई ने नर्मदा...
Tuesday, January 7, 2020
एक था पीयूष
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पीयूष नाम था उसका. जिसके नाम का अर्थ ही अमृत था, वह नहीं रहा. उसके जाने की खबर पर यकीन नहीं हो रहा. वह जब मुस्कुराता था तो उसके गालों पर गड...
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