गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
Friday, September 23, 2022
हम इंसानों में क्या मानवेतर जीन मौजूद है!
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आज से कोई 70,000 साल पहले की बात है. हिमयुग अफ्रीका में ही काट चुकने के बाद एक और मानव जत्था (होमोसेपियंस) हहास बांधकर निकला. इस बार उन्होंन...
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Saturday, September 17, 2022
इंसान का विकासः दिल बदलते हैं तो चेहरे भी बदल जाते हैं
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आज से कोई बीस लाख साल पहले मनुष्य बेहद आदिम रूप में था. (यह कौन-सी रॉकेट साइंस वाली बात है भला!) लेकिन जैसा कि युवाल नोआ हरारी लिखते हैं, प्...
Wednesday, September 14, 2022
लेग ग्लांस शॉट के जनक और भारतीय क्रिकेट के पितामह महाराजा रणजीत सिंह की डेढ़ सौवीं जयंती
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इससे पहले कि अपन मेन सब्जेक्ट पर आएं, एक सवाल. हिंदुस्तान में किस क्रिकेटर को आप कलाइयों का जादूगर मानते हैं? बैकफुट पंच और पैडल स्वीप में त...
Wednesday, September 7, 2022
क्या टेथिस सागर ही क्षीर सागर था!
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भले ही तब भारत 'राष्ट्र' न था, लेकिन उस वक्त भी मुंबई के पास पश्चिमी घाट से ज्वालामुखीय तरल लावा बेरोकटोक, बगैर महाराष्ट्र पुलिस, मध...
Monday, August 22, 2022
राष्ट्र की निरंतरता? चलिए, भूगोल के इतिहास की बात करते हैं
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मंजीत ठाकुर राष्ट्र की निरंतरता वाली पोस्ट ने और उस पर आ रही टिप्पणियों ने मुझे इस संदर्भ में और अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित किया. तो मैंने सो...
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Thursday, August 18, 2022
भारत की राष्ट्रीयता 'धर्म' और 'भाषा' से कहीं अधिक व्यापक है
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मंजीत ठाकुर मेरे एक अनन्य मित्र हैं विश्वदीपक. वह प्रखर पत्रकार हैं और राष्ट्र की अवधारणा पर उनकी अलग राय है. विश्वदीपक ने सोशल मीडिया पर मे...
Wednesday, August 17, 2022
भारत@75 - आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते
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आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं और इस मौके पर कुछ लोग देशभक्ति प्रदर्शित कर रहे हैं, और कुछ लोग हैं जो कहते हैं कि देशभक्ति का भाव प्रदर्शित...
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