मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
मुझको ये अहसास रहा है, तू मेरे ही पास रहा है।
मन प्यासा है जिसकी खातिर, बनकर मेरी प्यास रहा है।
अपने अंदर पढ़ लो मुझको तू मेरा इतिहास रहा है।
ऊपर से मैं खुश हूं लेकिन, दूर-दूर मधुमास रहा है।
क्या बात है ज़नाब
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