गुरुवार, 10 जनवरी 2008

नीरज सिंह को दूरदर्शन पुरस्कार

नीरज सिंह को दूरदर्शन पुरस्कार एक अच्छी खबर.. नए साल पर इससे बेहतर खबर हमारे लिए नहीं हो सकती थी। नीरज सिंह ने भारतीय जनसंचार संस्थान और रेडियो-टीवी बैच २००४-०५ का नाम शिखर पर ले जाते हुए लाइव डिस्पैच के लिए इस साल का दूरदर्शन पुरस्कार जीता है। अगले हफ्ते नीरज मुंबई में ये पुरस्कार ग्रहण करेंगे।

नीरज बेहद वज़नदार रिपोर्टर हैं। हम जैसे हल्के नहीं.. बेहद दुर्बल क्षणों में भी उनका वजन दो-तीन मन से अधिक होता है। यह पुरस्कार नीरज को किसलिए यानी किस लाइव के लिए दिया गया है, यह तो बाद में पता चलेगा। मुमकिन है कि कुंभ मेले की कवरेज में शानदार लाइव के लिए दिया गया हो।

मथुरा के नीरज सिंह ने २००४-०५ बैच में आईआईएमसी से रेडियो-टीवी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। डीडी न्यूज में ही तीन महीने तक इंटर्नशिप के दौरान ही उनका झुकाव अपराध पत्राकरिता की तरफ हो गया। नीरज ने अनिल पूनिया के साथ कई बड़े हादसे कवर किए। फिर अचानक ही ट्रैक बदलते हुए और पहले से जमे पत्रकारों को धता बताते हुए उन्होंने सांस्कृतिक पत्रकारिता भी की। कुंभ की कवरेज उसी की परिणति थी। फिर सांस्कृतिक पत्रकारिता मे एक माह बिताने के बाद नीरज ने राजनीतिक पत्रकारिता का रुख किया है। और धडल्ले से उत्तर प्रदेश और गुजरात के चुनाव कवर किए। नीरज सिंह अपने भारी शख्सियत (उनका वजन ९५ किलोग्राम के आसपास है) के साथ शिगूफों के लिए और जुगाड़ तकनीक में माहिर हैं। नहीं हम ये नहीं कह रहे कि यह पुरस्कार भी उसी तकनीक का परिणाम है। नीरज बधाई हो। खूब फलिए मगर फूलिए मत।

4 टिप्‍पणियां:

Ashish Maharishi ने कहा…

नीरज जी को बधाई हो

विनीत कुमार ने कहा…

bhai neeraj ko dher saari badhayeeya.

बेनामी ने कहा…

नीरज जी को बधाई !

अन्नपूर्णा

sushant jha ने कहा…

बडे गौरव की बात है कि नीरज को यह पुरस्कार मिला है और इसमें हम जनसंचार संस्थान के छात्र कुछ अतिरिक्त ही गौरव महसूस कर रहे है, लगता है कि यह पुरस्कार साझा है। मंजीत भाई आप धन्यवाद स्वीकार करें कि आपने इस बात को ब्लाग के माध्यम से प्रकाश में लाया है।