गुस्ताख़
मेरे अदब से सारे फरिश्ते सहम गए, ये कैसी वारदात मेरी, शायरी में है...
रविवार, 1 जनवरी 2012
वर्ष नव, हर्ष नवः शुभकामनाएँ
वर्ष नव,
हर्ष नव,
वर्ष नव,
हर्ष नव,
जीवन उत्कर्ष नव
नव उमंग,
नव तरंग,
जीवन का नव प्रसंग
नवल चाह
नवल राह,
जीवन का नव प्रवाह
गीत नवल,
प्रीति नवल,
जीवन की रीत नवल
जीवन की नीति नवल
जीवन की जीत नवल
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