मंगलवार, 9 अक्टूबर 2007

प्यार के नाम कविता-२

प्यार की कई परिभाषाएं होती हैं,
कोई प्यार को जीना-
कोई जीने को प्यार समझता है,
सोच लो,
तुम किसे क्या समझते हो,
फिर अपनी जगह
इन ऐतिहासिक परिस्थितियों में तुम्हें मिल जाएगा।।

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