शनिवार, 10 नवंबर 2012

अबूझमाड़ के द्वार पर

अबूझमाड़ के द्वार, नारायणपुर के कुछ बच्चे।

हिंसा, हंसी को खत्म नहीं कर सकती

कुछ आंखें उम्मीद में चमकती हैं


सारे बच्चे, राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे, आरके मिशन के बच्चे हैं सब

 सभी फोटोः मंजीत ठाकुर,









1 टिप्पणी:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आँखों में प्रश्न, उत्तर, भविष्य की आस और जीने की प्यास।